🏠 Home
Dark Mode
College Campus

महाविद्यालय - एक संक्षिप्त परिचय

महाविद्यालय - एक परिचय

इस महाविद्यालय की स्थापना सन् 1961 ई. में स्व. श्री मिश्रीलाल दुबे संस्थापक अध्यक्ष, प्रबन्ध समिति तथा स्व. श्री छेदालाल सक्सैना संस्थापक सचिव, प्रबन्ध समिति के अथक परिश्रम व प्रबन्ध समिति के सदस्यों के सक्रिय सहयोग से हुई। इसके विकास में श्री रामशरण सक्सैना, अवकाश प्राप्त प्राचार्य का भी सराहनीय योगदान रहा है। इसके अतिरिक्त स्व. श्री डौंडा जानकी प्रसाद मिश्र, स्व. श्री लालाराम जी वैद्य, श्री कामता शिरोमणि सिंह मुख्तार, स्व. श्री अम्बिका प्रसाद हजेला मुख्तार, स्व. डॉ. महेन्द्र कुमार जैन, स्व. श्री श्यामलाल शुक्ल, स्व. श्री शिवनरायण सक्सैना, स्व. श्री जगदीश स्वरूप सक्सैना, स्व. डॉ. सुरेन्द्र देव शास्त्री का अविस्मरणीय योगदान रहा।

लगभग चार दशक सचिव पद पर सुशोभित रहे स्व. श्री सतीश चन्द्र सक्सैना एवं उपाध्यक्ष रहे स्व. श्री रघुनाथ प्रसाद हजेला, स्व. श्री विनायक दत्त दुबे पूर्व अध्यक्ष, स्व. श्री देवदत्त दुबे, स्व. डॉ. स्वरूपकिशोर जैन स्व. श्री देवमित्र जी एवं स्व. श्री आदित्य कुमार मिश्रा पूर्व अध्यक्ष, डॉ. हरिहर प्रताप सिंह चौहान एवं देव योग से इसी श्रृंखला में श्रद्धेय स्व. श्री रवी सक्सैना स्वर्गवासी हुए वह कोरोना के विषम काल खण्ड में प्रमुख समाजसेवी मानवतावादी दृष्टिकोण के पोषक श्रद्धेय स्व. डॉ. सुधीर कुमार जैन जैसी महान विभूतियों को जिनकी सत्प्रेरणा एवं सहयोग की छत्रछाया में महाविद्यालय पुष्पित-पल्लवित होता रहा है, हम विस्मृत नहीं कर सकेंगे।

विलक्षण प्रतिभा-सम्पन्न इन मनीषियों एवं चिन्तकों के भागीरथी प्रयासों से ही ज्ञान की यह पयस्विनी प्रकट हुई। तदसमय से इसमें आहवाहन करके इस अंचल के दलित, उपेक्षित, शिक्षा से वंचित पिछड़े एवं विपन्न सामान्य वर्ग के छात्र-छात्रायें ज्ञान रूपी अमूल्य माणिक्य प्राप्त करते रहे हैं। इस महाविद्यालय में अध्ययन कर चुके कतिपय छात्र प्रशासनिक एवं राजनैतिक क्षेत्रों में अपनी कीर्तिपताका फहरा चुके हैं। महाविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र के निर्धन, पिछड़े, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र एवं छात्राओं को उच्च शिक्षा की सुविधायें प्रदान करना है यह महाविद्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग (जी०टी० रोड) एवं शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन पर प्रकृति के सुरम्य वातावरण में स्थित हैं।

गौरव-गरिमा से अभिमंडित यह महाविद्यालय डॉ० भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में अद्यावधि अपनी पहचान एवं विश्वसनीयता के लिए विख्यात है। विज्ञान-संकाय में कम्प्यूटर, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान एवं जन्तु विज्ञान जैसे विषयों का अध्यापन, कला-संकाय में राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेजी एवं मानसिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास हेतु शारीरिक शिक्षा की व्यवस्था होने से शिक्षार्थियों के सर्वांगीण विकास की अपरिमित संभावनायें विद्यमान हैं। महाविद्यालय में छात्रों के शिक्षण एवं मार्ग-निर्देशन के लिये योग्य, कर्मठ एवं अनुभवी शिक्षक कार्यरत हैं। महाविद्यालय के विभिन्न विभागों में उच्चस्तरीय शोध कार्य की व्यवस्था है। छात्रों के लिए सुव्यवस्थित अध्यापन कक्षों, खेलकूद के मैदान, पुस्तकालय आदि की व्यवस्था है। महाविद्यालय में शैक्षिक सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य शिक्षणेत्तर कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के समग्र एवं समुचित विकास के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, निबन्ध एंव कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। छात्रों के लेख आदि महाविद्यालय की पत्रिका 'युगधारा' में प्रकाशित किये जाते हैं। महाविद्यालय में एन.सी.सी., रोवर्स रेंजर्स एवं एन.एस.एस. की समुचित व्यवस्था है।

महाविद्यालय के पास विशाल भवन है अध्यापन कक्षों के अतिरिक्त विभागीय कक्षों तथा प्रयोगात्मक विषयों के लिए प्रयोगशालाओं की पृथक-पृथक व्यवस्था है। महाविद्यालय पुस्तकालय में पुस्तकों की संख्या में प्रतिवर्ष वृद्धि हो रही है। विश्वविद्यालय परीक्षा प्रवेश-पत्र प्राप्त करने से पूर्व प्राप्त पुस्तकों को जमा करना होता है। पुस्तकालय में एक वाचनालय की भी व्यवस्था है। इसमें दैनिक समाचार-पत्रों के साथ-साथ साप्ताहिक, पाक्षिक एवं मासिक पत्रिकाएं उपलब्ध रहती हैं, जिनसे छात्र नवीनतम जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित होते हैं।

महाविद्यालय में एक नवीन सेमीनार हॉल का निर्माण भी इसी वर्ष संपन्न हुआ है जिसमें सत्र 2025-26 से स्मार्ट क्लास संचालित किये जा रहे हैं।

महाविद्यालय द्वारा प्रत्येक सत्र में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। जिससे छात्र-छात्रायें सर्वांगीण विकास प्राप्त कर लाभान्वित होते हैं।